जयपुर की चार दीवारी बारुद के ढेर पर

 जयपुर की चार दीवारी बारुद के ढेर पर

 जयपुर की चार दीवारी दिवाली पर बारुद के ढेर पर रहेगी क्यों कि जयपुर मे फटाको के लाइसेंस रेबडी की तरह बाटे जा रहे है

बताया जाता है कि दुकान नम्बर 64 के उपर बैंक है तथा बैंक में 12 घंटे तक आम जैन का आना-जाना लगा रहता है बैंक के ऊपर परिवार रहता है दुकान नम्बर 114 -116 के उपर आयुर्वेद का औषधालय एव धार्मिक स्थल है यहां पर भी आम जान लोगों का आना-जाना रहता है इसी तरह दुकान नम्बर 227-229 के उपर बैंक है और कई दुकानो के उपर परिवार रहते है जिसके कारण दीपावली पर पटाखा बिक्री हेतु पुलिस कमिश्नर ऑफिस द्वारा लाइसेंस दिया जाता है जिसकी जांच संबंधित थाना करता है लेकिन संबंधित थाना कर्मचारी ब अधिकारी दुकानदारों से मिली भगत सुविधा शुल्क वसूलकर लाइसेंस प्रतिक्रिया को पूर्ण बताते हुए कमिश्नर ऑफिस भेज दिया जाता है जिसे कमिश्नर ऑफिस लाइसेंस धारी को लाइसेंस बिक्री हेतु जारी कर देता है तथा यह भी नहीं देखा कि आमजन का दिन भर आना-जाना भीड बाला इलाका हैक्या बैंक 15 दिन बन्द रह सकते है क्या ये तो केवल कोतवाली के हालात है इसके अलावा जयपुर शहर, खाती पुरा कालबाड रोड के वहुत वुरे हालात है केवल थाना के विश्वास के उपर ही लाइसेंस दे दिये जाते हैं और आम जनता की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर दिया जाता है अगर त्योहार के मौके पर कोई भी दुर्घटना विस्फोट होते हैं तो पूर्ण जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी क्योंकि लाइसेंस वितरण में पुलिस विभाग द्वारा अनदेखी के कारण जयपुर शहर को बारूद के ढेर पर बैठा रखा है


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