उदयपुर में जिला स्तरीय कार्यशाला* *बच्चों के जीरो डोज पर हो विशेष फोकस हो - डॉ बामनिया*
*उदयपुर में जिला स्तरीय कार्यशाला*
*बच्चों के जीरो डोज पर हो विशेष फोकस हो - डॉ बामनिया*
सुनील कुमार मिश्रा दैनिक शुभ भास्कर राजस्थान उदयपुर,नियमित टीकाकरण की माइक्रो प्लानिंग, समीक्षा और गुणवत्ता सुधार को लेकर डब्ल्यूएचओ और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को हिरणमगरी स्थित एक निजी होटल में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नियमित टीकाकरण को सुदृढ़ करना और जिले में शून्य खुराक वाले बच्चों तक पहुंच बनाना रहा।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य ने प्रसूताओं को दी जाने वाली एएनसी सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने पीएमएसए और पीएनडी से जुड़े बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। एसीएमएचओ डॉ. रागिनी अग्रवाल ने परिवार नियोजन साधनों के उपयोग और उनकी महत्ता पर प्रकाश डाला।
डब्ल्यूएचओ के सर्विलांस मेडिकल ऑफिसर डॉ. अक्षय व्यास ने जीरो डोज बच्चों के टीकाकरण को सुनिश्चित करने के दिशा-निर्देश दिए। साथ ही 12 अक्टूबर को प्रस्तावित उप-पल्स पोलियो अभियान के लिए चिकित्साधिकारियों को आमुखीकरण कराया।
शहर प्रभारी एवं उपनिदेशक डॉ. कैलाश शर्मा ने टीकाकरण के बाद संभावित प्रतिकूल प्रभाव (AEFI) और कोल्ड चेन प्रबंधन को लेकर तकनीकी जानकारी साझा की। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. विक्रम सिंह ने मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
सीएमएचओ डॉ. शंकर एच. बामनिया ने शिविरों की रिपोर्टिंग प्रणाली की समीक्षा की और इसे मजबूत बनाने पर बल दिया। कार्यशाला में बड़गांव, भीण्डर, गिर्वा, कुराबड़, मावली और वल्लभनगर ब्लॉक के खंड मुख्य चिकित्साधिकारी एवं चिकित्साधिकारी प्रमुख मौजूद रहे।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें