उदयपुर की डॉ नेहा लोढ़ा फुलब्राइट - नेहरू पुरस्कार के तहत भारत में करेंगी शोध

 उदयपुर की डॉ नेहा लोढ़ा फुलब्राइट - नेहरू पुरस्कार के तहत भारत में करेंगी शोध





सुनील कुमार मिश्रा दैनिक शुभ भास्कर राजस्थान उदयपुर मैं स्कूली शिक्षा सम्पूर्ण कर हाल मैं  कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी, कॉलेज ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन साइंसेज़ मैं एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्य कर रही 43 वर्षीय डॉ नेहा लोढ़ा को इस वर्ष का फुलब्राइट - नेहरू पुरस्कार प्राप्त हुआ है| फुलब्राइट - नेहरू ‘अकादमिक एंड प्रोफेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड’ के अंतर्गत वें भारत के बेंगलुरु में शोध कार्य करेंगी। डॉ. लोढा के शोध का उद्देश्य इल्ज़ाइमर्स रोग ग्रसित लोगों के लिए उपकरण विकसित करना और उन्हें प्रमाणित करना है, जिनसे किसी भी शैक्षणिक या भाषाई पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति में संज्ञानात्मक दुर्बलता कोग्निटिव इम्पैयर्मेंट का सटीक आकलन किया जा सके। परियोजना के अंतर्गत वे भारत के विभिन्न राज्यों में जाकर इस उपकरण के प्रसार एवं उपयोग की संभावनाओं पर कार्य करेंगी। साथ ही, वे देश भर के शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और समुदायों से संवाद स्थापित कर यह सुनिश्चित करेंगी कि यह उपकरण न केवल वैज्ञानिक रूप से मान्य हो, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी समावेशी और उपयुक्त हो।डॉ. लोढा के अनुसार, यह यात्रा अमेरिका में उनके चल रहे उस शोध को भी आगे बढ़ाएगी जिसका संबंध अल्जाइमर रोग के प्रारंभिक संकेतों की पहचान से है। प्रोफेसर विमल शर्मा से साक्षात्कार मैं उन्होंने कहा, “फुलब्राइट स्कॉलर बनना मेरे लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी है। यह अवसर मुझे संयुक्त राज्य का प्रतिनिधित्व एक शोध-दूत के रूप में करने, अंतरराष्ट्रीय शोध समुदाय से सीखने और उन अनुभवों को अमेरिका वापस ले जाने का अवसर देता है।”उनका कहना है कि यह उपलब्धि उनके विद्यार्थियों और शोध दल के लिए भी गर्व का अवसर है। “हमारी टीम जिस तरह वास्तविक जीवन की गतिशीलता को मस्तिष्क स्वास्थ्य से जोड़ने के नए आयाम तलाश रही है, उसे अब वैश्विक पहचान मिल रही है,” उन्होंने जोड़ा। “यह परियोजना यह भी दर्शाती है कि समुदाय - आधारित, समावेशी विज्ञान किस प्रकार सार्थक और स्थायी नवाचार की दिशा में मार्ग प्रशस्त कर सकता है।”

पी जी आई मेडिकल इंस्टिट्यूट चंडीगढ़ व जर्मनी से पोस्ट डॉक्टरेट वैज्ञानिक प्रोफेसर विमल शर्मा ने डॉ नेहा लोढ़ा को इस उपलब्धी के लिए मेवाड़ ही नहीं सम्पूर्ण देश को गौरन्वित करने पर बधाई देते हुए बताया की 1946 से अब तक प्रतिष्ठित फुलब्राइट पूर्व स्कालर रहे 62 को नोबेल पुरस्कार, 93 पुलित्ज़र पुरस्कार, 82 मैकआर्थर फैलो, 44 राष्ट्राध्यक्ष बने तथा सार्वजनिक, निजी और गैर लाभकारी क्षेत्रों के हजारों प्रभावशाली नेता बने हैं |

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