आखिरकार लवीना संस्थान को अनुदान दिलाने की जिम्मेदारी किसकी?विभाग ने हाइकोर्ट में बजट का मामला डाला भारत सरकार पर भारत सरकार ने पूर्व में ही विभाग को लिखा पत्र समय पर भेजे प्रस्ताव अब जिम्मेदार मौन

 आखिरकार लवीना संस्थान को अनुदान दिलाने की जिम्मेदारी किसकी?विभाग ने हाइकोर्ट में बजट का मामला डाला भारत सरकार पर

भारत सरकार ने पूर्व में ही विभाग को लिखा पत्र समय पर भेजे प्रस्ताव

अब जिम्मेदार मौन


विशाखा व्यास/दैनिक शुभ भास्कर/राजस्थान/उदयपुर

कहते है बच्चे देश का भविष्य है ऐसे मासुम जिनका कोई नहीं उनकी देखभाल करने का जिम्मा राजस्थान सरकार ने दिनांक-21/09/2017 से लवीना विकास सेवा संस्थान, ओंगना के संचालक भरत कुमार पूर्बिया को सौपा।जिनके द्वारा नियमित पांच वर्षों तक बखूबी यह जिम्मेदारी निभाई गई।राजस्थान सरकार का विभाग इनके पास बच्चे भेजता रहा एवम प्रतिवर्ष अनुदान प्रस्ताव विभाग को भेजता रहा।पर अनुदान नहीं मिला तो संस्थान ने हाइकोर्ट की शरण ली तो विभाग पर कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट के ऑर्डर हुए।जिसकी पालना विभाग ने आज तक नहीं की और अधिकारियों के अब गुमराह वाले जवाब की भारत सरकार से वित्तीय स्वीकृति नहीं मिली।सवाल ये है कि भारत सरकार से अनुदान स्वीकृत कराने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है या संस्थान की साथ ही यदि भारत सरकार ने अनुदान स्वीकृत नहीं किया तो विभाग द्वारा इसकी लिखित सूचना आज तक क्यों नहीं दी गई विभाग द्वारा निरीक्षण के वक्त भी अनुदान नहीं देने का उल्लेख नहीं किया।अब विभाग के अधिकारी बचने की गली ढूंढ रहे है।इधर भारत सरकार को समय पर प्रस्ताव मिलते तो वो वित्तीय स्वीकृति जारी करती क्योंकि भारत सरकार ने इस संदर्भ में पूर्व में ही राज्य सरकार के अधिकारियों को पत्र लिख दिया था।इसलिए जिम्मेदार अधिकारियों ने मौन धारण कर लिया है।

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